यह प्रकृति सर्व शक्तिमान है ये मुझमें विद्धमान है

यह प्रकृति सर्वशक्तिमान है
यह मुझमें विद्धमान है
यह ही मेरी शुरूआता 
यह ही मेरी कारणधाता,
इसकी तो सारी शक्तियों का, 
मुझमें ही संचार है | 
यह प्रकृति सर्वशक्तिमान है
यह मुझमें विद्धमान है| 
आभा मण्डल इसके आसमान का,
मेरे माथे पर विराजमान हो
संवेदना हो इसकी माटी की… मुझमें
कडकती बिजलियों सी इसकी शक्तियाँ,
मेरे रक्त में गतिमान हो,
रहे हिमालय सा हमेशा इरादा हमारा
झरने सी नम्रता का मेरा व्यवहार हो,
तेरा ही उपक्रम हूं मैं
और तू ही मेरा आधार है
यह प्रकृति सर्वशक्तिमान है
यह मुझमें विद्धमान है
रहे स्मरण सदा मुझे
मिट जाना है मुझको भी एक दिन
क्योंकि बनना फिर बिगडना
ही तो प्रकृति का चक्रपात है| 
यह प्रकृति सर्वशक्तिमान है
यह मुझमें विद्धमान है,

ये प्रकृति सर्वशक्तिमान है ये मुझमें विद्धमान है | | 

                                                दक्ष