सही समय है बदलाव का

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सही समय है बदलाव का
यह बतलाने आया है
न ही नेता न ही अभिनेता
ये तो सिर्फ आप का
श्रोता बनने आया है
सही समय है बदलाव का
यह बतलाने आया है

जो भी कहना हो कह सके हम
जो भी करना हो कर सके जन
जन जन से वो रस्ता बनवाने आया है
अन्धी शिक्षा दूषित वाणी
सह सह कर हुये हम अज्ञानी
यही समय है ज्ञान,विज्ञान का
हर विषय में दक्ष बनो तुम
ये तो दक्ष की शिक्षा लाया है
यही समय है बदलाव का
यह बतलाने आया है

न्याय मिले जन जन को
स्ंविधान रचा 1950 सन् को
उठो लेलो अपने अधिकारों की बाजी
सबको ये अधिकार बताने आया है
भ्रष्ट नेता और अधिकारी
घूस (अन्याय) की आदत ऐसी डाली
डूब गई जनता करजे में,
छुप गये दोषी प्रशासन;अनुशासन के परदे में,
बच जाते दोषी अन्याय के धन्धे में,
न्याय की परतें भारी हैं
अब ये कर्ज व्यवहार हटाने आया है
सही समय है बदलाव का
यह बतलाने आया है

सरकारें आतीं हैं जातीं हैं
पर राजनीति वही दोहराती है
सभी विषयों पर संशोधन है
पर गरीबी पर वही दोहरापन (बहरापन) है
भ्रष्टाचार न्याय की सीढ ी कमजोर बनाती हैं
जनता की आवाज पहुचते पहुचते
सरकार ही बदल जाती है
अब ये चकृव्यूह तुडवाने आया है
नही मरेगा अब कोई अभिमन्यू
अब हर अभिमन्यू को दक्ष बनाने आया है
सही समय है बदलाव का
यह बतलाने आया है

1. ये लाइनें किसी प्रकार की प्रषन्नसा बटोरने के उददेष्य से नही लिखी गई है वल्कि अपने समाज में फैली घातक बुराइयों से परिचय कराना तथा बचाव के लिय आम नागरिक को उत्साहित करने के उददेष्य से लिखी गई है ।

2. दक्ष का मतलब जात पात से ऊपर उठ कर मानवीयता की रक्षा करने वाले व राष्ट्र प्रेमी व्यक्ति से है जो हमेशा अपने आप को दक्ष बनने या बनाये रखने के लिय ज्ञान का भूखा हो ।

यह कविता आर टी चेन्ज के कार्य व उदद्ेश्यों की परिचायक है।

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