डॉ.दक्ष गंगवार बने पीटीआर के पहले पशु चिकित्सक, साथ प्रतिभागी में से केवल तीन ने दिया इंटरव्यू

 

चेन्ज न्यूज़ पीलीभीत – टाइगर रिजर्व पीलीभीत के अन्तर्गत मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं के समय हिंसक वन्य जीवों को रेस्क्यू करने के उपरान्त तत्काल चिकित्सीय सुविधा एवं ट्रैकयूलाइज करने हेतु एक योग्य पशु चिकित्सक संविदा पर रखने हेतु अधोहस्ताक्षरी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गयी इस कमेटी में आईवीआरआई बरेली के वरिष्ठ वन्य जीव वैज्ञानिक स्पेशलिस्ट डॉ ए एम पावड़े , नवीन खण्डेलवाल , प्रभागीय वनाधिकारी , पीलीभीत टाइगर रिजर्व पीलीभीत, संजीव कुमार, प्रभागीय निदेशक, वन एवं वन्य जीव प्रभाग, पीलीभीत एवं श्री अखिलेश कुमार गर्ग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पीलीभीत कमेटी के सदस्य थे। प्रभागीय वनाधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व पीलीभीत द्वारा स्थानीय समाचार पत्रों में एक संविदा पशु चिकित्सक के आवेदन पत्र आमंत्रित करने हेतु दिनांक- 30 . 07.2020 को विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था । दिनांक- 17.08.2020 को लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार का आयोजन किया गया । पशु चिकित्सक संविदा पर रखने हेतु कुल 07 पशु चिकित्सकों ने आवेदन किया था इनमें से 03 पशु चिकित्सक ही लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार हेतु उपस्थित हुये। गठित कमेटी के द्वारा तीनों पशु चिकित्सकों की लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार लिया गया इसमें से डॉ० दक्ष गंगवार का चयन किया गया है।
डॉ0 दक्ष गंगवार, पशु चिकित्साधिकारी को संविदा पर रखने की सहमति बनायी गयी है । इसकी अनुमति हेतु उच्च स्तर को लेख किया गया है ।

 

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पहले भी कई रेस्क्यू सफलतापूर्वक कर चुके हैं डॉ0 दक्ष
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सुरेश गंगवार के सुपुत्र राजनीति से दूर वन्य जीवन के लिए शायद अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं। पिछले काफी लंबे समय से पीलीभीत टाइगर रिजर्व सहित भारत के कई हिस्सों में मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान दक्ष ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए सफलतापूर्वक कई वन्यजीव को रेस्क्यू किया।
एक अच्छा अनुभव और साधारण जीवन गुजारने वाले दक्ष अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व को अपनी सेवाएं देंगे वर्तमान समय में डब्ल्यूटीआई की ओर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रोजेक्ट हेड थे जिसे शायद अब वह इस्तीफा देकर पूर्ण रूप से पीटीआर का हिस्सा बन गए हैं।
अब हमारे साथ पशु चिकित्सक भी ग्रामीणों का रखेंगे ध्यान: – डीडी
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डॉक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया की यह पूरी प्रक्रिया एफडी महोदय द्वारा प्रारंभ की गई थी लेकिन इसकी रूपरेखा की जिम्मेदारी हमारे द्वारा पूरी की गई है। हमारे साथ एसडीओ पूरनपुर प्रवीण खरे और बाबू धर्मेंद्र कुमार सहित पूरे स्टाफ का सहयोग रहा।
पशु चिकित्सक की नियुक्ति होने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आसपास वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलते ही हम डॉक्टर सहित मौके पर पहुंचेंगे और मानव वन्य जीव संघर्ष पर पूर्ण तरीके से विराम लगा सकेंगे।