डॉ.दक्ष गंगवार बने पीटीआर के पहले पशु चिकित्सक, साथ प्रतिभागी में से केवल तीन ने दिया इंटरव्यू

 

चेन्ज न्यूज़ पीलीभीत – टाइगर रिजर्व पीलीभीत के अन्तर्गत मानव वन्य जीव संघर्ष की घटनाओं के समय हिंसक वन्य जीवों को रेस्क्यू करने के उपरान्त तत्काल चिकित्सीय सुविधा एवं ट्रैकयूलाइज करने हेतु एक योग्य पशु चिकित्सक संविदा पर रखने हेतु अधोहस्ताक्षरी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गयी इस कमेटी में आईवीआरआई बरेली के वरिष्ठ वन्य जीव वैज्ञानिक स्पेशलिस्ट डॉ ए एम पावड़े , नवीन खण्डेलवाल , प्रभागीय वनाधिकारी , पीलीभीत टाइगर रिजर्व पीलीभीत, संजीव कुमार, प्रभागीय निदेशक, वन एवं वन्य जीव प्रभाग, पीलीभीत एवं श्री अखिलेश कुमार गर्ग, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पीलीभीत कमेटी के सदस्य थे। प्रभागीय वनाधिकारी, पीलीभीत टाइगर रिजर्व पीलीभीत द्वारा स्थानीय समाचार पत्रों में एक संविदा पशु चिकित्सक के आवेदन पत्र आमंत्रित करने हेतु दिनांक- 30 . 07.2020 को विज्ञापन प्रकाशित कराया गया था । दिनांक- 17.08.2020 को लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार का आयोजन किया गया । पशु चिकित्सक संविदा पर रखने हेतु कुल 07 पशु चिकित्सकों ने आवेदन किया था इनमें से 03 पशु चिकित्सक ही लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार हेतु उपस्थित हुये। गठित कमेटी के द्वारा तीनों पशु चिकित्सकों की लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार लिया गया इसमें से डॉ० दक्ष गंगवार का चयन किया गया है।
डॉ0 दक्ष गंगवार, पशु चिकित्साधिकारी को संविदा पर रखने की सहमति बनायी गयी है । इसकी अनुमति हेतु उच्च स्तर को लेख किया गया है ।

 

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पहले भी कई रेस्क्यू सफलतापूर्वक कर चुके हैं डॉ0 दक्ष
भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री सुरेश गंगवार के सुपुत्र राजनीति से दूर वन्य जीवन के लिए शायद अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं। पिछले काफी लंबे समय से पीलीभीत टाइगर रिजर्व सहित भारत के कई हिस्सों में मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान दक्ष ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए सफलतापूर्वक कई वन्यजीव को रेस्क्यू किया।
एक अच्छा अनुभव और साधारण जीवन गुजारने वाले दक्ष अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व को अपनी सेवाएं देंगे वर्तमान समय में डब्ल्यूटीआई की ओर से पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रोजेक्ट हेड थे जिसे शायद अब वह इस्तीफा देकर पूर्ण रूप से पीटीआर का हिस्सा बन गए हैं।
अब हमारे साथ पशु चिकित्सक भी ग्रामीणों का रखेंगे ध्यान: – डीडी
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डॉक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया की यह पूरी प्रक्रिया एफडी महोदय द्वारा प्रारंभ की गई थी लेकिन इसकी रूपरेखा की जिम्मेदारी हमारे द्वारा पूरी की गई है। हमारे साथ एसडीओ पूरनपुर प्रवीण खरे और बाबू धर्मेंद्र कुमार सहित पूरे स्टाफ का सहयोग रहा।
पशु चिकित्सक की नियुक्ति होने के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व के आसपास वन्यजीव संघर्ष की घटना की सूचना मिलते ही हम डॉक्टर सहित मौके पर पहुंचेंगे और मानव वन्य जीव संघर्ष पर पूर्ण तरीके से विराम लगा सकेंगे।

 


जानिए उस नर्स के बारे में जिसने संक्रमित माँ – बेटे ही नही पीलीभीत को कोरोना से मुक्ति दिलाई – नर्स – डे स्पेशल

विचार क्रांति न्यूज़ पीलीभीत – इस वक्त पूरी दुनिया कोरोना वायरस के डर से और लॉक डाउन होने की वजह से अपने – अपने घरों में है तो ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने घर परिवार से दूर रहकर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ रहे हैं इन्हीं योद्धाओं में से एक हैं स्टाफ नर्स किरन लता, जो कि अंतरराष्ट्रीय नर्सेज डे (12 मई) पर वाकई बधाई की पात्र हैं

स्टाफ नर्स किरन लता अपने परिवार में बेटा, बेटी और पति को छोड़कर कोरोना वायरस के खिलाफ जंग लड़ने को तैयार हो गई बहीं उमरा कर लौटी शकीला को 20 मार्च की रात लगभग एक बजे जिला अस्पताल पीलीभीत लाया गया। जहां पर उनका ब्लड सैंपल को लखनऊ मेडिकल कॉलेज भेजा गया जिसमे उनकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव पाई गई कोरोना संक्रमण की पुष्टि के बाद शकीला को आइसोलेशन वार्ड में रखा गया। आइसोलेशन वार्ड में संक्रमित मरीज शकीला की देखभाल की जिम्मेदारी स्टाफ नर्स किरन को दी गई लेकिन हालात तब बिगड़ गए जब 2 दिन बाद संक्रमित महिला शकीला के बेटे की भी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई।

शकीला ने आइसोलेशन वार्ड में अपने कार्य को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाया। उन्होंने बताया कि पहले शकीला और उनके बेटे को आइसोलेशन के दौरान सारी गाइडलाइंस के बारे में बताया और किस तरीके से उन्हें गाइडलाइंस के क्या-क्या कार्य करना हैं यह मां और बेटे दोनों को अच्छे से बता दिया गया था बेवजह इधर उधर न जाए , मास्क का प्रयोग करे , किसी भी चीज़ को छूने से बचें या छूने से पहले सेनीटाईजर का प्रयोग करे उन्होंने बताया कि उसके बाद मां और बेटा दोनों ने गाइडलाइन को फॉलो किया इसका नतीजा यह रहा कि दोनों मां और बेटा ठीक होकर अपने घर चले गए मरीज़ तो घर चले लेकिन उसके बाद स्टाफ नर्स किरन को 14 दिन क्वॉरेंटाइन करने के लिए संतोष होटल पीलीभीत में ठहराया गया। उन्होंने बताया कि शुरुआत के दिनों में उनके घरों से बहुत ज्यादा फोन आया करते थे सभी चिंतित थे कभी उनकी मां , बेटा ओर कभी पति बार- बार एक ही बात कहते थे की वापस चली आओ लेकिन किरन ने हिम्मत नहीं हारी और न ही भावनाओं में बहकर कोई गलत निर्णय लिया उन्होंने परिवार के लोगो से बात कर समझा दिया कि उनका कर्तव्य लोगो को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाना है और लोगो को लाभ दिलाने और लोगो की सेवा करने का उन्हें मौका मिला है जिससे वह पीछे नहीं हट सकती परिवार के सदस्य भी किरन लता के इस जज्बे के आगे झुक गए तथा किरन के हौसलों को मजबूती देने के लिए उसके साथ खड़े हो गए किरन लता ने बताया कि अब उनके परिवार वाले उनके इस सराहनीय कार्य से संतुष्ट हैं।

कोविड 19 के नोडल व एसीएमओ डॉ बीवी राम ने बताया कि आइसोलेशन वार्ड में 6 स्टाफ नर्स को रखा गया था और सभी ने अपने कार्य को अच्छी तरीके से किया और सभी ने कोरोना वायरस की गाइडलाइन को अच्छी तरीके से फॉलो किया | जनपद में जो दो कोरोना संक्रमित मां और बेटा पाए गए थे उन दोनों को आइसोलेट करके कोरोना से ठीक होकर उन्हें उनके घर भेज दिया गया उन्होंने बताया कि आज स्टाफ नर्स के अच्छे कार्य की वजह से ही जनपद पीलीभीत कोरोना मुक्त हो गया है इसके लिए उन्होंने स्टाफ नर्स और जनपद के सभी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इस कोरोना की जंग में साथ देने के लिए आभार व्यक्त किया है|


 

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कोरोना का वार न छीनने पाए बुजुर्गों का प्यार

– घर के बड़े बुजुर्गों का खास ख्याल रखने में ही सभी की भलाई

– पहले से बीमारी से ग्रसित बुजुर्गों की सेहत पर दें विशेष ध्यान

– रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का करें सेवन

विचार क्रान्ति न्यूज़ पीलीभीत- कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण घर के बड़े-बुजुर्गों (60 वर्ष से ऊपर के लोगों) को अपनी चपेट में न लेने पाए इसके लिए सभी को खास ख्याल रखने की आवश्यकता है

इसके लिए सरकार द्वारा भी लगातार जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे हैं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने तो इसके लिए बाकायदा एडवाइजरी जारी कर कहा है कि कोरोना का खतरा बुजुर्गों को अधिक है, इसलिए उनकी सेहत पर पूरी नजर रखी जाए ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपील की है कि बुजुर्गों का खास ख्याल रखें, विशेषकर उनका जो कि पहले से किसी बीमारी से ग्रसित रहे हैं ।
​सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव आर. सुब्रमन्यम ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण से देश के करीब 16 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है । इसके लिए आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली के जीरियाट्रिक विभाग के साथ मिलकर एक एडवाइजरी जारी की गयी है, जिसमें बुजुर्गों का खास ख्याल कैसे रखा जाए इसका पूरा जिक्र है । इसलिए बुजुर्गों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे सभी विभागों और संस्थाओं से अपील की गयी है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस बारे में जागरूक करें कि वह बुजुर्गों का किस प्रकार ख्याल रखें ताकि उन तक कोरोना का संक्रमण न पहुँचने पाए ।

बुजुर्गों को सलाह – क्या करें-
– हर समय घर पर ही रहें, बाहरी व्यक्ति घर पर न आएं

– यदि किसी से मुलाकात करना बहुत ही जरूरी हो तो एक मीटर की दूरी बनाये रखें

– यदि घर में अकेले रहते हैं तो बहुत जरूरी काम के लिए किसी ऐसे करीबी की मदद ले सकते हैं जो कि स्वस्थ हो

– किसी भी छोटे या बड़े आयोजन से बचें

– घर पर चलते-फिरते रहें

– घर पर हल्का-फुल्का व्यायाम और योगा करें

– हाथों को बार-बार साबुन और पानी से 20 सेकण्ड तक धोएं,

खासकर खाने से पहले और शौच के बाद निश्चित रूप से हाथों को अच्छी तरह से धुल लें

– घर के ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सामानों की सफाई (सेनेटाइज) करते रहें

– खांसते या छींकते समय टिश्यू पेपर या रुमाल का इस्तेमाल करें और टिश्यू पेपर को बंद कूड़ेदान में ही फेंके

– घर पर ही बना ताजा और गर्म खाना खाएं, बार-बार पानी पीते रहें, प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए फलों का जूस पियें

– अगर पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो उसे जारी रखे

– स्वास्थ्य का ख्याल रखें और कोई दिक्कत समझ आये तो चिकित्सक से संपर्क करें

– घर-परिवार के सदस्य अगर साथ नहीं रहते तो फोन पर उनसे संपर्क में रहें, वीडियो काल करके भी उनसे संपर्क साध सकते हैं

– गर्मी को देखते हुए शरीर में पानी की कमी न होने पाए
क्या न करें

– ऐसे लोगों से दूरी बनाये रखें जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आयें जैसे-बुखार, खांसी और छींक आ रही हो

– किसी से भी हाथ न मिलाएं और न गले मिलें
– भीडभाड वाले स्थानों जैसे बाजार,पार्क या धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें
– हाथ पर न छींकें
– आँख, नाक और मुंह को न छुएं
– अपने आप से कोई दवा न लें
– रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल न जाकर फोन पर चिकित्सक से सलाह लें
– किसी को भी घर पर आमंत्रित न करें
ऐसे बुजुर्ग जो किसी बीमारी से हैं ग्रसित –
कोविड-19 के संक्रमण से उन बुजुर्गों को बचाना ज्यादा जरूरी है जो कि पहले से अस्थमा, डायबिटीज, ह्रदय रोग, किडनी, कैंसर, हाइपरटेंशन और मानसिक तनाव की समस्या से ग्रसित रहे हैं
क्या कहते हैं आंकड़े :
​सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) -दिल्ली की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में करीब 16 करोड़ बुजुर्ग (60 साल के ऊपर) हैं । इनमें 60 से 69 साल के करीब 8.8 करोड़, 70 से 79 साल के करीब 6.4 करोड़, दूसरों पर आश्रित 80 साल के करीब 2.8 करोड़ और करीब 18 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनका अपना कोई घर नहीं है या कोई देखभाल करने वाला नहीं है ।

 

 


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कोरोना महामारी के समय वरदान साबित हो रहीं एम्बुलेंस सेवा

विचार क्रान्ति न्यूज़ पीलीभीत उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना (ए0एल0एस0) यानी एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस सेवा’ ने उत्तर प्रदेश में अपने संचालन के 3 वर्ष पूरे कर लिए हैं। अपने इस सफर में ए0एल0एस0 सेवा ने प्रदेश के 183484 से अधिक अतिगंभीर मरीजों की जान बचाई है बहीं कोरोना महामारी के समय भी ए0एल0एस0 सेवा अति गंभीर मरीजों की जान बचाने में वरदान साबित हो रही है।

एम्बुलेंस सेवा के जिला नोडल अधिकारी डॉक्टर पी. के. मिश्रा ने बताया कि जनपद में हमारे पास कुल 51 एम्बुलेंस हैं। इसमें 2 ए0एल0एस0 हैं। वहीं उत्तर प्रदेश में एम्बुलेंस सेवा प्रदाता संस्था जीवीके ईएमआरआई के सीनियर वाइस प्रेसीडेंट राजेश वाघमारे ने बताया कि प्रदेश में 108 एम्बुलेंस और 102 एम्बुलेंस सेवा पहले से चल रही थी। लेकिन बहुत बड़ी संख्या में मरीजों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाने या एक अस्पताल से दूसरे उच्च अस्पताल ले जाने के लिए वेंटीलेटर, डिफिब्रिलेटर व अन्य एडवांस जीवनरक्षक उपकरणों की आवश्यक्ता होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्तमान प्रदेश सरकार ने 14 अप्रैल 2017 को प्रदेश में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरूआत की थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं हरी झंडी दिखाकर 150 एम्बुलेंस के साथ ए0एल0एस0 सेवा का शुभारम्भ किया था। जिसके बाद जरूरत को देखते हुए 2019 में ए0एल0एस0 सेवा में 100 और एम्बुलेंस बढ़ाई गई। वर्तमान में इस सेवा के तहत प्रदेश में कुल 250 ए0एल0एस0 एम्बुलेंस संचालित की जा रही हैं हर जिले में न्यूनतम दो ए0एल0एस0 एम्बुलेंस हैं, जबकि अधिक आबादी वाले जिलों में इनकी संख्या अधिक भी है।

सेवा का संचालन शुरू होने से 31 मार्च 2020 तक प्रदेश में लाभार्थियों का आंकड़ा 183484 से अधिक पहुंच चुका है। इनमें सड़क दुर्घटना (वाहन सम्बंधी) के 35109, हार्ट अटैक या कार्डियोवैस्क्युलर के 19264, सांस रोगों से सम्बंधित 21400, प्रसव से सम्बंधित 15651, बेहोशी के 5941, एक माह तक के बच्चों के 12910, मारपीट के 4876, आकस्मिक विषाक्तता के 4275 और अन्य आपातकालीन स्थितियों के 64058 मामले शामिल हैं। उन्होंने बताया कि जीवीके ईएमआरआई संस्था उत्तर प्रदेश में 102 एम्बुलेंस सेवा और 108 एम्बुलेंस सेवा का भी संचालन कर रही है।

कोरोना से संबंधित 950 मरीजों को पहुंचाया अस्पताल

कोरोना महामारी के समय ए0एल0एस0 एम्बुलेंस सेवा वरदान साबित हो रही है। राजेश वाघमारे के अनुसार गंभीर मरीज जो कोरोना से ग्रसित हैं या संदिग्ध मरीज हैं उनके लिए प्रदेश में अब तक 129 ए0एल0एस0 आरक्षित की गई हैं। जिनसे अब तक 950 से अधिक संदिग्ध या पाॅजिटिव मरीजों को अस्पताल ले जाया गया है।

ये है सुविधा
एएलएस (एडवान्स्ड लाइफ सपोर्ट) सेवा की एम्बुलेंस सभी जीवनरक्षक उपकरणों से सुसज्जित है। इमजरेंसी के समय आवश्यक दवाओं सहित वेंटीलेटर, डिफिब्रिलेटर सहित अन्य उपकरणों की भी सुविधा है। मरीज को कोई दिक्कत होने पर एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी मरीज को ऑक्सीजन देने के साथ ही काॅल सेंटर में बैठे डॉक्टर से संपर्क कर डॉक्टर के निर्देश पर मरीज को आवश्यक दवाएं भी देता है। गोल्डन आवर में सपोर्ट मिलने से बहुत से गंभीर रोगियों की जान बचाई जा रही है।

इन मामलों में मिलती है सुविधा

गंभीर सड़क दुर्घटना या हेड इंजरी, हार्ट अटैक, सांस लेने में तकलीफ, नवजात बच्चों से जुड़े गंभीर मामले, बर्न, जटिल प्रसव सहित अन्य प्रकार की किसी भी आपात कालीन समय में ए0एल0एस0 सेवा का लाभ ले सकते हैं। अतिगंभीर मरीजों को घर से अस्पताल ले जाने के लिए और एक अस्पताल से दूसरे उच्च श्रेणी के अस्पताल ले जाने के लिए ए0एल0एस0 एम्बुलेंस सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। ए0एल0एस0 सुविधा पाने के लिए 108 सेवा में काल करें। आवश्यक्ता होने पर सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। आवश्यक्ता पड़ने पर ए0एल0एस0 एम्बुलेंस मरीजों को दिल्ली एम्स, पीजीआई चंडीगढ़ भी मरीजों को ले जाती है।

हर शरीर की भिन्न होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता इम्यूनिटी अच्छी होने से परास्त हो जाती हैं बीमारियां

आयुष मंत्रालय की सलाह पूरी तरह मानें 

विचार क्रान्ति न्यूज़ पीलीभीत- (कोविड -19) से बचने के लिए जितना आवश्यक लाकडाउन का पालन करना है उतना ही आवश्यक अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) बढ़ाना है। हर उम्र के व्यक्ति की एक खास रोग प्रतिरोधक क्षमता होती है। यह कहना है डॉ वीबी राम का।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वीबी राम ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता हर उम्र में अच्छी होनी चाहिए। इससे कई बीमारियां आपके शरीर पर धावा बोलकर भी हार जाती हैं। इसलिए सभी को अपने शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता दुरुस्त रखना चाहिए। उन्होने वायरस कोविड 19 से लड़ने के लिए आयुष मंत्रालय की ओर से जारी उस सलाह का भी जिक्र किया जिसमें 10 बिन्दुओं के जरिये कई आहम जानकारियां दी गई हैं।
आयुष मंत्रालय की सलाह

1- दिनभर समय-समय पर गर्म पानी पीते रहें. पानी को हल्का गर्म करके पिएं।

2- रोजाना कम से कम 30 मिनट तक योग करें. मंत्रालय ने इसके लिए #YOGAatHome #StayHome #StaySafe जैसे हेशटेग भी दिए. मंत्रालय ने योग और ध्यान करने की सलाह दी।

3- अपने आहार में हल्दी, जीरा, धनिया और लहसुन जैसे मसालों का इस्तेमाल जरूर करें।

4- एक चम्मच या 10 ग्राम च्यवनप्राश का सेवन रोज सुबह करें. डायबिटीज के रोग शुगर फ्री च्यवनप्राश का सेवन करें।

5- दिन में एक या दो बार हर्बल चाय / काढ़ा पीएं. काढ़ा बनाने के लिए पानी में तुलसी, दालचीनी, काली मिर्च, सूखी अदरक, मुनक्का मिलाकर अच्छी तरह धीमी आंच पर उबालें. अगर मीठा लेना हो तो स्वादानुसार गुड़ डालें या खट्टा लेना हो तो नींबू का रस मिला लें।

6- दिन में कम से कम एक या दो बार हल्दी वाला दूध लें. 150 मिली लीटर गर्म दूध में करीब आधी छोटी चम्मच हल्दी मिलाकर पीएं।

7- नैजल एप्लीकेशन : तिल का तेल या नारियल का तेल या घी रोज सुबह और शाम नाक के दोनों छिद्रों में लगाएं।

8- ऑयल पुलिंग थेरेपी : एक बड़ी चम्मच तिल का तेल या नारियल का तेल मुंब में लें. इसे पीना नहीं है. इसे दो से तीन मिनट तक मुंह में घुमाने के बाद थूक दें. इसके बाद गुनगुने पानी से कुल्ला करें. दिन में एक या दो बार ऐसा किया जा सकत है।

9- गले में खरास या सूखा कफ होने पर पुदीने की कुछ पत्तियां और अजवाइन को पानी में गर्म करके स्टीम लें।

10- गुड़ या शहद के साथ लॉन्ग का पाउडर मिलाकर इसे दिन में दो से तीन बार खाएं। सूखा कफ या गले में खरास ज्यादा दिनों तक है तो डॉक्टर को दिखाएं।

सदर विधायक संजय सिंह गंगवार ने स्वास्थ विभाग की टीम को किया सम्मानित

विचार क्रांति न्यूज़ पीलीभीत – जिले में कोरोना वायरस (संक्रमण) के दो पॉजिटिव केस पाए गए थे। जिसके बाद अब दोनो ही संक्रमित मरीज स्वस्थ हो गए है। जिसके बाद अब सदर विधायक ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को पुष्प मालाओं और पुष्प वर्षा कर सम्मानित किया है।

आपको बता दे कि पूरा देश कोरोना वायरस संक्रमण से लगातार जूझ रहा है जिसके चलते पूरे देश मे लॉकडाउन की स्थिति बनी हुई है।

बही यूपी के पीलीभीत जिले में कोरोना वायरस संक्रमण के दो पॉजिटिव मरीज पाए गए थे। दरअसल पीलीभीत जिले की अमरिया तहसील इलाके की एक महिला और उसका बेटा सऊदी अरब से उमरा कर लौटे थे। जिसके बाद दोनों को क्योरंटाइन सेंटर भेज दिया गया था।
बही अब दोनो मरीज स्वस्थ होकर बापस अपने घर पहुँच गए है।
जिसके बाद अब पीलीभीत जिला कोरोना वायरस संक्रमण मुक्त हो गया है।
बही आज सदर विधायक संजय सिंह गंगवार ने स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम को सम्मानित किया और पुष्प वर्षा कर बधाई दी है।

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लॉकडाउन में भूखे लोगों का सहारा बने नौगवां के सन्दीप और उनके साथी

विचार क्रांति न्यूज़ पीलीभीत- देश की भयाभय स्थिति में देश के नागरिक से लेकर सभी सामाजिक , राजनैतिक , व्यावसायिक संस्थाएं अपने – अपने सामर्थ्य अनुसार एक-दूसरे की मदद करने को आतुर दिख रहे है ,

इसी कड़ी में जनपद पीलीभीत शहर से सटे नवनिर्मित नगर पंचायत नौगवां पकड़िया के चर्चित युवा समाजिक कार्यकर्ता सन्दीप सक्सेना कोरोना की जंग में योद्धा बनकर कार्य कर रहे हैं ,जो लगातार क्षेत्र के आसपास के जरूरतमंद परिवारों के भोजन का जिम्मा लिए हुए हैं ,

पिछले 15 दिनों से लगातार सन्दीप सक्सेना अपने साथियों , सहयोगियों द्वारा एकत्रित राशि से क्षेत्र में लगभग 475 भोजन के पैकेट जरूरतमन्द परिवारों तक पहुंचा रहे हैं ,

छोटे-छोटे किराना ,सब्जी दुकानदार , छोटी प्राइवेट नौकरी करने वाले आगे आकर सहयोगी कर रहे हैं ,

सन्दीप सक्सेना द्वारा ऐसे परिवार चिन्हित किये गये जो बिल्कुल गरीब है , छोटे असहाय बच्चे , वे लोग जो बमुश्किल दिहाड़ी कर अपने परिवार का पालन कर रहे हैं , दुकानों पर काम करने वाले , भीख मांग कर खाने वाले , या जिनकी गम्भीर बीमारियों की दबाइयाँ चल रही है , उनको दवाई उपलब्ध करा रहे हैं

सन्दीप सक्सेना ने पीलीभीत के चिकित्सकों ,सर्राफा व्यापारियों ,राइस मिलर्स से भी इस मुहिम में सहयोग करने की अपील !

सन्दीप सक्सेना के साथ बबली प्रजापति ,रोहित शर्मा ,दिनेस मौर्य, ओमप्रकाश मोर्या , आशीष श्रीवास्तव , बैभव गुप्ता , आशीष शर्मा ,वीरपाल प्रजापति ,सतीस कुमार , दान सिंह ,प्रदीप सक्सेना ,मनोज शर्मा ,अनिल कुमार , चन्द्रप्रताप सिंह सहित कई चेहरे सेवा कार्य मे साथ दे रहे हैं

 


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कोरोना लॉक-डाउन के लिय लिखी संगीता शर्मा की कविता हो रही है वायरल, पढ़कर आप को भी मिलेगी हिम्मत ! यह कविता लिख टनकपुर का नाम किया रोशन

कोरोना वायरस से बचाव के लिए प्रधान देंगे एक-एक माह का मानदेय

विचार क्रान्ति न्यूज पीलीभीत – पूरे देश में फैल रहे कोरोना वायरस से बचाव के लिए विकास खंड ललौरी खेड़ा के प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष अमर सिंह यादव ने अपने सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया है कि समस्त प्रधान इस कोरोना वायरस से बचने के लिए सरकार का सहयोग करें इस सहयोग में सभी ग्राम प्रधान अपना एक-एक माह का मानदेय मुख्यमंत्री कोविड-केयर फंड में जमा करें इस धनराशि को विकास खंड ललौरी खेड़ा में सहायक विकास अधिकारी कार्यालय में 12 अप्रैल तक जमा कर दें|

दिव्यांग हैं समाज के अभिन्न अंग कोरोना से जंग में रहें उनके संग

– सोशल डिस्टेंशिंग का पालन करते हुए उनका रखें पूरा ख्याल

– लाक डाउन की स्थिति में उनको न उठानी पड़े कोई दिक्कत

विचार क्रान्ति न्यूज़ पीलीभीत – कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए पूरे देश में किये गए लाक डाउन की स्थिति में समाज के अभिन्न अंग दिव्यांगों को किसी भी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े, इसका ख्याल रखना भी बहुत ही जरूरी है इसके लिए सरकार द्वारा भी सम्बंधित विभागों को सतर्क किया गया है कि इन लोगों की जरूरतों पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए

विकलांग कल्याण विभाग के नोडल व एसीएमओ डॉक्टर आर.बी.सिंह ने बताया कि ​कोरोना का खतरा जहाँ हर वर्ग को है वहीँ दिव्यांगों को उनकी शारीरिक संरचनाओं के चलते इसका खतरा ज्यादा रहता है शारीरिक अक्षमताओं के चलते यदि वह खुद से साफ़-सफाई करने में असमर्थ हैं तो उस पर ध्यान देना बहुत जरूरी है ताकि उनको वायरस के संक्रमण से बचाया जा सके साबुन-पानी से उनके हाथ धोने की व्यवस्था सुनिश्चित होनी चाहिए दृष्टि बाधित लोग इधर-उधर अनावश्यक रूप से किसी वस्तु को छूने न पायें, क्योंकि इससे संक्रमण का खतरा बना रहता है खांसने या छींकने से पहले वह यदि खुद से सावधानी बरतने की स्थिति में नहीं हैं तो उन्हें मास्क पहनाने के साथ ही हर गतिविधि पर खुद से ध्यान देना और जरूरी बन जाता है । उनको ह्वील चेयर से लाने-ले जाने में भी बहुत ही सावधानी (सोशल डिस्टेंशिंग) बरतनी चाहिए । वह घर से बाहर न निकलने पायें इसके प्रति भी ध्यान दें । सूचनाओं के आदान-प्रदान में भी आने वाली दिक्कतों के प्रति ध्यान दिया जाए, उन्हें भी समय-समय पर वर्तमान संकट के प्रति आश्वस्त करते रहना चाहिए दृष्टि बाधितों को ब्रेल लिपि में कुछ पाठ्य सामग्री मुहैया करना भी उपयोगी साबित हो सकता है ।

दिव्यांगों के खानपान पर भी पूरा ध्यान दिया जाए ताकि वह कोरोना जैसी बीमारियों से आसानी से लड़ सकें । उनके भोजन में उन खाद्य पदार्थों को अवश्य शामिल करना चाहिए जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढाने वाले हों मौसमी फल, हरी सब्जी के साथ ही पीने को गुनगुना पानी देना चाहिए तुलसी पत्ती, अदरक की चाय और हल्दी मिला दूध भी फायदेमंद हो सकता है चिकित्सक ने यदि किसी खाद्य पदार्थ को उनकी शारीरिक संरचना के चलते सेवन करने से मना किये हों तो उसे कदापि नहीं देना चाहिए । इसके अलावा उनकी जो दवाएं पहले से चल रहीं हैं उनको जारी रखना चाहिए दूसरी तरफ दिव्यांगों के ह्वील चेयर और अन्य सहायक उपकरणों में यदि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी हो तो उसे दुरुस्त कराने और समय-समय पर उनके सेनेटाइजेशन में उनकी मदद करनी चाहिए हर तरह से उनका ख्याल रखना चाहिए ताकि वह अपने को किसी भी तरह से अकेला न महसूस करें सुरक्षा मानकों का पूरा ख्याल रखते हुए उनकी देखभाल करने वालों को सेवाओं को जारी रखना चाहिए ।

गर्भवती महिलाओं की सेहत और पोषण का रखें विशेष ख्याल

विचार क्रान्ति न्यूज़ पीलीभीत – हम सभी कोरोना वायरस से बचने के लिए लॉक डाउन में रह रहे हैं बच्चे हों या बुज़ुर्ग सभी को सरकार द्वारा अनेक उपाय बताये गए हैं जिससे वह स्वस्थ रहें तथा उनकी प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत रहे ऐसे में गर्भवती महिलाओं को भी अपनी देखभाल करनी चाहिए तथा अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए

जिला महिला अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर कमला मिश्रा का कहना है कि इसका कोई प्रमाण नही हैं की कोविड 19 गर्भावस्था के समय बच्चे के स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा,यदि प्रसव के समय महिला कोविड 19 से संक्रमित है तो नवजात की जांच की जाएगी इसलिए इससे बचाव का एकमात्र जरिया सावधानी है इसलिए हमें उन सभी सलाहों को मानना चाहिए जो कि हमें हमारे चिकित्सक बता रहे हैं तथा सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए

डॉ कमला मिश्रा बताती हैं कि गर्भवस्था के समय गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक व् प्रतिरोधक क्षमता खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए और अब तो हम इस समय कोरोना के संक्रमण से जूझ रहे हैं ऐसे में गर्भवती महिलाओं को अपना अधिक खान-पान का ध्यान रखना चाहिए ऐसे में हमें अपने भोजन में कार्बोहाईड्रेट , फैट, प्रोटीन, विटामिन , हाई फाइबर व मिनरल्स आदि को शामिल कर संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए साथ ही प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ जैसे विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थ, अखरोट, बादाम, सुपर फ़ूड जैसे हल्दी, अदरख , लहसुन आदि का सेवन करें | खाना सफाई से बना हुआ, ताजा तथा अच्छे से पका हुआ ही खाएं | फलों व् सब्जियों को इस्तेमाल करने से पहले अच्छे से धो लें | गुनगुने पानी का सेवन करें जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए |
गर्भावस्था की पहली तिमाही में कम से कम पौष्टिक नाश्ते के साथ 3 मुख्य भोजन करना चाहिए साथ ही 5 मिग्रा की फोलिक एसिड की एक गोली रोजाना लेनी चाहिए आयरन, कैल्शियम या अन्य किसी भी दवाई का सेवन पहली तिमाही में नहीं करना है
दूसरी और तीसरी तिमाही में 2 पौष्टिक नाश्ते के साथ 3 मुख्य भोजन का सेवन करना चाहिए साथ ही आयरन फोलिक एसिड (आईएफए) की रोजाना एक गोली का सेवन करना चाहिए जिसे प्रसव के बाद 6 माह तक जारी करना चाहिए गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में एक एल्बेन्डाजोल की टेबलेट का सेवन करना चाहिए | दूसरी व तीसरी तिमाही में भोजन के बाद 2 कैल्शियम की गोली का नियमित रूप से सेवन करना चाहिये आयरन व कैल्शियम का सेवन एक साथ नहीं करना चाहिए कैल्शियम को दूध के साथ और आयरन को विटामिन सी जैसे नीम्बू पानी, आंवल आदि के साथ लेना चाहिये जंक फ़ूड का सेवन नहीं करना चाहिए

गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन 20-25 मिनट योग या साधारण इनडोर स्ट्रेचिंग व्यायाम या सरल योग व्यायाम करना चाहिए| कैफीन, अल्कोहोल, तम्बाकू और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए प्रतिदिन कम से कम 8-10 गिलास पानी या तरल पदार्थ पीने चाहिए गर्भवती महिलाओं को साफ़-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए खाना बनाने से पहले, खाना खाने के बाद, शौचालय जाने के बाद, नाखून काटने के बाद साबुन से हाथ जरूर धोने चाहिए शौचालय के उपयोग और सुरक्षित पीने के पानी से संक्रमण को रोका जा सकता है
यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में कठिनाई हो तो देखभाल करें, स्वास्थ्य सुविधा जाने से पहले कॉल कर चिकित्सीय सलाह का पालन करें ।

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